इंटरनेट क्रांति निबंध | Internet Kranti Essay in Hindi

By | November 20, 2023

Internet Kranti Essay in Hindi : इस आर्टिकल के माध्यम से आप इंटरनेट क्रांति निबंध  आसानी से लिख सकते है |

प्रगति के पथ  पर मानव बहुत दूर चला आया है |  जीवन के हर क्षेत्र में कई ऐसे मुकाम प्राप्त हो गए हैं|  जो हमें जीवन के सभी सुविधाएं, सभी आराम प्रदान करते हैं| आज संसार मानव की मुट्ठी में समाया हुआ है | जीवन के क्षेत्र में सबसेअधिक क्रांतिकारी कदम संचार क्षेत्र में उठाए गए हैं | 

अनेक नए स्रोत नए साधनऔर नई सुविधा प्राप्त कर ली गई है | हमें आधुनिकता के दौर में काफी ऊपर ले जाकर खड़ा करता है | ऐसे ही संचार साधनों में आज एक बहुतबड़ा ही सहज नाम है| 

इंटरनेट यूं तो इसकी शुरुआत 1969 में एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसिज द्वारा संयुक्त राज्य अमेरिका के चार विश्वविद्यालय में कंप्यूटरों की नेटवर्किंग  की गई थी | इसका विकास मुख्य रूप से शिक्षा स्त्रोत एवं सरकारी संस्थाओ  के लिए किया था  इसके मुख्य उदेस्य था संचार माध्यमों वैसी आपात स्थिति में भी बनाए रखना जब सारे माध्यम निष्फल  हो जाए| 1971 तक इस कंपनी ने लगभग दो दर्जन कंप्यूटरों को इस नेट से जोड़ दिया था ई-मेल अर्थात इलेक्ट्रॉनिक मेल की जिसे संचार जगत में क्रांति ला दी |

इंटरनेट प्रणाली में प्रोटोकॉल एवं एक टी.पी. (फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल )की सहायता से इंटरनेट यूजर (प्रयोगता ) किसी  भी कंप्यूटर से जुड़ेकर फाइले  डाउनलोड कर सकता है | 1973 में ट्रांसमिशन प्रोटोकॉल जिसे इंटरनेट प्रोटोकॉल को डिजाइन किया गया | 1983 तक या इंटरनेट पर एवं कंप्यूटर के बीच संचार माध्यम बन गया |

ट्मोट्रियल के पीटर  ड्यूस  पहली बार1989 में मैक गिल यूनिवर्सिटी में इंटरनेट इंडेक्स  बनाने का प्रयोग किया | इसके साथ ही थिंकिंग मशीन कापरेशन के बिड्स्टर क्रहले ने एक-दूसरा इंडेक्सिंग सिस्सड वाइड  एरिया इनफॉरमेशन सवर्र  विकसित किया | उसी दौरान यूरोपियन लेबोरेटरी फॉर पार्टिकल फिसिक्स के बनर्स ली ने इंटरनेट पर सुचना के वितरण के लिए एक नई तकनीक विकसित की जिसे  वर्ल्ड -वाइड वेब के नाम से जाना गया | यह हाइपर टैक्सट पर आधारित होता है जो किसी इंटरनेट यूजर को इंटरनेट की विभिनन साइटस पर डॉक्यूमेंट को दूसरे को जोड़ता है यह काम हाइपर लिंक के माध्यम से होता है हाइपर-लिंक विशेष रूप से प्रोग्राम किए गए शब्दों, बटन अथवा ग्राफिक्स को कहते हैं|

धीरे -धीरे इंटरनेट के क्षेत्र में कई विकसित हुए |   1994 में  नेटस्केप  कम्युनिकेशन और 1995 में माइक्रोसॉफ्ट के ब्राउज़र बजाज में उपलब्ध हो गए जिससे इंटरनेट का प्रयोग काफी आसान हो गया | 1996 तक इंटरनेट की लोकप्रियता काफी बढ़ गई | लगभग 4.5 करोड़लोगों ने इंटरनेट का प्रयोग शुरू कर दिया इनमें सर्वाधिक संख्या अमेरिका (3 करोड़) की  थी, यूरोप से 90 लाख और 60 लाख एशिया एवं प्रशांत छेत्रो में  था |

ई-कॉम की अवधारणा काफी तेजी से फैलती गई | संचार माध्यम के नय -नय रास्ते खुलते गए|  नई-नई शब्दवलिया जैसे ई-मेल वेबसाइट.( डॉट-कॉम ), वायरेस लवबग आदिअध्यायों में जुड़ते रहे |  वर्ष 2000 में इंटरनेट इतनी बढ़ गई कि इसमें कई तरह की समस्याएं भी उठने लगी | कई नए वायरस समय- समय पर दुनिया के लाखो कंप्यूटरों को प्रभावित करते रहे |  इन समस्याओं से जुड़ते हुए संसार का क्षेत्र आगे बढ़ता रहा | भारत भी अपनी भागीदारी इन उपलब्धियां में जोड़ता रहा |  आज भारत में इंटरनेट कनेक्शन और  प्रयोगकर्ताओ की संख्या लाखों में है |

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