Essay on Television in Hindi | टेलीविजन पर निबंध

By | December 17, 2023

Essay on Television in Hindi : इस आर्टिकल के माध्यम से आप आसानी से टेलीविजन पर निबंध लिख सकते है | इस आर्टिकल के माध्यम से टेलीविज़न की भूमिका , विशेषता, महत्व, शिक्षा का विशेष माध्यम, चेतना-प्रसार का साधन, उपसंहार आदि के बारे में जान सकते है |

Essay on Television in Hindi  टेलीविजन पर निबंध

टेलीविजन पर निबंध in Hindi | Essay on Television in Hindi


भूमिका :

सचमुच में विज्ञान ने हम सब कुछ प्रदान किए हैं | उसने हमारे ज्ञान को विज्ञान प्रदान करने के लिए हमें हर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के संसाधनों को सुलभ किए हैं | इनमें कैमरा रेडियो चलचित्र टेलीविजन , प्रिंटर आदि है | इनमें टेलीविजन का भी नाम बहुत महत्वपूर्ण है |

टेलीविजन शब्द अंग्रेजी का शब्द है | यह टेली और विजन इन दो शब्दों से बना है | टेली शब्द का अर्थ होता है ‘दूर’ और विजन शब्द का अर्थ होता है दर्शन | इस प्रकार टेलीविजन शब्द का हिंदी रूपांतर दूरदर्श है | इस दूरदर्शन के जनक है महोदय बेयर्ड|

टेलीविजन के कार्य स्वरूप दो है एक यह है कि रेडियो की तरह आवाज को सुनता है और दूसरा यह है कि दूसरे चित्रों को प्रदर्शित करता है | आवाज सुनने का कार्य आकाशवाणी की सामान्य होता है | केंद्र में माइक्रोफोन के प्रयोग से आवाज को विधुत स्थानों में बदल दिया जाता है |

इसके बाद इन स्पंदो को आकाश द्वारा अधिक शक्तिशाली बना लिया जाता है | प्रसारण के लिए इन्हें रेडियो तरंगों पर केंद्र के एंटीना के द्वारा वायुमंडल में बिखेर दिया जाता है |हमारा आकाशवाणी यंत्र इन तरंगों को पहले पकड़ लेता है इसके बाद ध्वनि को विधुत स्पंदो को अलग कर देता है | इसके वह स्पीकर में इन्हें भेज देता है | यह स्पीकर उन सभी को फिर असली ध्वनि में परिवर्तित कर डालता है |

इस प्रकार की प्रक्रियाओं के द्वारा चित्रों को विभिन्न प्रकार के विभाजितकर एक-एक भाग को विधुत स्पंदो में बदल दिया जाता हैटेलीविजन प्रसारण का प्रभाव क्षेत्र टेलीविजन केंद्र के एंटीना की ऊंचाई पर निर्भर करता है |

अभिन्न अंग

दूरदर्शन हमारे जीवन का एक आवश्यक अंग बन गया है | यह एक प्रकार की हमारे पारिवारिक गतिविधियों का दर्पण हो गया है | परिवार का कोई भी सदस्य इसके बिना चैन से नहीं रह सकता इस प्रकार यह हमारे जीवन के प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने वाला विज्ञान का अद्भुत अविष्कार है |

हमारे जीवन उपयोगी सभी प्रकार के वस्तुओं के विज्ञापन उनके उपयोग और उनके प्रभाव को दूरदर्शन बखूबी प्रदर्शित करके हमारा सच्चा मार्गदर्शन करता है | इस प्रकार हम इन्हीं वस्तुओं को खरीदने और प्रयोग में लाते हैं जिनको दूरदर्शन हमें जानकारी देता है |

मनोविनोद का साधन

दूरदर्शन से प्रसारित होने वाले विभिन्न प्रकार के धारावाहिक को सहित अन्य कार्यक्रम हमारे थके-मांदे और जिंदगी को अपनी सरलता संस्था और माधुरी हास्य सुखमय और उत्साह वर्धन बनाने का भरसक प्रयास करते हैं | दूरदर्शन के विभिन्न चैनल अपने रंग-बिरंगे कार्यक्रमों के द्वारा हमारे तनावपूर्ण जिंदगी को सहज और रुचि-प्रद बनाने में अहम भूमिका का निर्वाह करते हैं |

श्रीमान श्रीमती जी, तेरे घर के सामने, जान भी दो, पारो,आदि धारावाहिक हमारे लिए हंसी के बहुत बड़े खजाने हैं | मनोरंजन की दृष्टि से ज़ी टीवी स्टार प्लस होम टीवी सोनी स्टार स्पोर्ट्स आदि चैनल अत्यधिक लोकप्रिय हो रहे हैं |इसके अतिरिक्त दूरदर्शन अपने विशेष कार्यक्रम के द्वारा नृत्य संगीत आदि से हमारा खूब मनोरंजन किया करता है|

शिक्षा का विशेष माध्यम

दूरदर्शन का वरदान शिक्षा का विशेष माध्यम के रूप में भी बहुत बड़ा है | दूरदर्शन के द्वारा शिक्षा के प्रसार प्रचार का कार्यक्रम बहुत ही संस्था और सफलता के साथ-साथ समझ में आते हैं | इससे शिक्षा के स्तर को उठाने और इसके महत्व प्रभाव को रखने में बड़ी सुविधा होती है |

इस दृष्टि से दूरदर्शन की सफलता और सार्थकतर निश्चय ही सिद्ध होता है समय-समय पर शिक्षा की उपयोगिता और उसकी आवश्यकता तो स्पष्ट करने के लिए दूरदर्शन विभिन्न कार्यक्रमों को जाने-माने शिक्षण बिंदु और शिक्षा शास्त्रियों के माध्यम से आयोजित करके अपनी भूमिका का निर्वाह करता है |

चेतना-प्रसार का साधन

दूरदर्शन हमारी चेतना को प्रसारित करने का एक बहुत बड़ा साधन है इस प्रकार यह हमारे राजनीतिक धार्मिक सामाजिक और वैज्ञानिक चेतना प्रसार का एक विशेष प्रकार महत्वपूर्ण साधन है जिन कार्यों को हमारे शिक्षक उपदेश और समाज सुधारक सफलतापूर्वक करने में पूर्ण रूप से समय समर्थ नहीं हो पा रहे थे | अपनी पूरी सफलता को अर्जित कर दिया है |

इसलिए चेतन जोड़ करके हमारे जीवन को संपूर्णता प्रदान करती है इसे आज हम विश्व परिवार का एक अभिन्न सदस्य बन गए हैं इस प्रकार इससे धीरे-धीरे हमारे जीवन चिंतन और चेतन को पल्लवित पुष्पित और स्थापित करने में कमर कस ली है |

उपसंहार

दूरदर्शन हमारे जीवन का सबसे घनिष्ठ मित्र है यह हमारा पथ प्रदर्शक है | यही यही नहीं यह जीवन प्राण विकसित हो चुका है | हमारा यह एक ऐसा शहर है जिससे हम बोल सकते हैं जिससे हंस सकते हैं और जिसे हम कुछ कह सकते हैं परस्पर अभाव में हम दोनों निष्पादन होकर रह जाएंगे यह नितांत आवश्यक है कि हम हर कोशिश करके जीवन वरदायक दूरदर्शन की सभी कर इसकी श्रेष्ठ को अपने जीवन में उतारते चले |


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