Essay on Exercise in Hindi | व्यायाम पर निबंध : 2023

By | November 15, 2023

Essay on Exercise in Hindi : अगर आप व्यायाम पर निबंध लिखना चाहते है, तो इस आर्टिकल ले माध्यम से आसानी से लिख सकते है | इस निबंध के माध्यम से आप व्यायाम की हमारी जीवन में भूमिका, व्ययाम की विशेषता, व्ययाम के प्रकार, व्ययाम से लाभ आदि के बारे में जान पायेंगे |

Essay on Exercise in Hindi

Vyayam par Nibandh | Essay on Exercise in Hindi


भूमिका

किसी ने ठीक ही कहा शरीर को धर्म साधना का एक मात्र माध्यम स्वीकार किया गया है | शरीर ही कर्म का साधक है और धर्म का आराधक है| मानव शरीर में ही आत्मा का निवास भी होता है | पहला सुख निरोगी काया यह कथन अक्षरश: सत्य है , क्योकि जिस व्यक्ति का शरीर रोगी है उसका जीवन ही निरर्थक है | धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्ष – जीवन के इन लक्ष्यों को स्वस्थ शरीर द्वारा ही प्राप्त किया जा सकता है |

विशेषता : व्यायाम का महत्व

अच्छा स्वास्थ महा वरदान है | अच्छे स्वास्थ से ही अनेक प्रकार की सुख सुविधाएँ प्राप्त की जा सकती है | जो व्यक्ति अच्छे स्वास्थ तथा स्वस्थ शरीर के महत्व को नकारता है तथा ईश्वर के इस वरदान का निरादर करता है | वह अपना ही नहीं समाज तथा राष्ट का भी अहित करता है | स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ स्वष्ट मस्तिक का निवास हो सकता है | जिस व्यक्ति का शरीर ही स्वस्थ नहीं फिर उसका मस्तिक भला कैसे स्वस्थ रह सकता है | स्वस्थ मस्तिक के आभाव में व्यक्ति कितना पंगु है | इसकी कल्पना आसानी से की जा सकती है |

मनुष्य की दशा उस घडी के सामान है जो यदि ठीक तरह से राखी जाए तो 100 वर्ष तक काम दे सकती है और यदि लपरवाही से वर्ती जाएँ शीघ्र बिगड़ जाती है | व्यक्ति को अपने शरीर को स्वस्थ तथा काम करने योग्य बनाये रखने के लिए व्यायाम आवश्यक है |

व्ययाम और स्वास्थ का चोली-दामन का साथ है | व्ययाम से ना केवल हमारा शरीर पुष्ट होता है , अपितु मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहता है, रोगी शरीर में स्वस्थ मन निवास नहीं कर सकता, यदि मन स्वस्थ न हो, तो विचार भी स्वस्थ नहीं हो सकते | जब विचार स्वस्थ नहीं होंगे तो कर्म की साधना कैसे होगा ? शरीर को चुस्त, पुष्टबनाने के लिए व्ययाम आवश्यक है|

व्ययाम न करने वाले मनुष्य आलसी तथा कमजोर बन जाते है | आलस्य को सबसे बड़ा शत्रु कहा गया है | आलसी व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में असफल होते है तथा निराशा में डूब जाते है | व्ययाम के आभाव में शरीर बोझ सा प्रतीत होता है | क्योकि बेडोल होकर तरह-तरह के रोगों का निमंत्रण देने लगता, ‘मोटापा’ अपने आप में एक बीमारी है जो हृदय रोग, मधुमेह तथा रक्त चाप जैसे बीमारियों को जन्म देती है |

प्रकार- व्यायाम के प्रकार

व्ययाम अनेक प्रकार के हो सकते है – प्रातः भ्रमण, दौडना, खेल-कूद, तैराकी, घुड़सवारी उठक-बैठक लगाना, योगासन आदि प्रमुख व्ययाम है | जिस प्रकार किसी भी मशीन को सुचारू रूप से चलाने के लिए उसमे तेल आदि डालना आनिवार्य होता है , इसी प्रकार शरीर में ताजगी तथा गतिशीलता बनाए रखने के लिए प्रातः भ्रमण तथा यौगिक क्रियाएँ अत्यंत उपयोगी है | तैराकी खेल-कूद तथा घुड़सवारी भी उत्तम व्ययाम है |

लाभ- व्यायाम के लाभ

व्यायाम करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है, बुढ़ापा जल्दी आक्रमण नहीं करता, शरीर हल्का-फुल्का  चुस्त तथा गतिशील बना रहता है,शरीर में काम करने की क्षमता बनी रहती है तथा व्यक्ति कर्मठ बनता है जो व्यक्ति नियमित रूप से व्यायाम करने वाला होगा उसका जीवन उतना ही उल्लासपूर्ण तथा सुखी होगा |

व्यायाम करने वाला व्यक्ति हसमुख आत्मविश्वासी उत्साही तथा निरोग होता है | व्यायाम अवस्था के अनुरूप ही करना चाहिए | सभी व्यायाम सभी के लिए उपयोगी नहीं हो सकता है | अतः  भ्रमण सर्वश्रेष्ठ व्यायाम है क्योंकि प्रातः काल की स्वच्छ वायु का सेवन स्वास्थ्य के लिए महा वरदान है |

बच्चों के लिए भाग दौड़, लोगों के लिए भ्रमण  तथा युवकों के लिए अन्य व्यायाम उपयोगी है | आवश्यकता से अधिक किया गया व्यायाम हानिकारक होता है | व्यायाम के नियमों का पालन करना ही करना भी आवश्यक है | व्यायाम खुली हवा में तथा खाली पेट करना चाहिए | व्यायाम के तुरंत बाद स्नान भी वर्जित है |

उपसंहार

जीवन की सार्थकता अच्छे स्वास्थ्य में ही निहित है | वीर पुरुष के इस पृथ्वी का भोग करते हैं | यह वीर वे ही है जिनका स्वास्थ्य अच्छा है | इस प्रकार नियमित व्यायाम शरीर को स्वस्थ रखने वाला पौष्टिक भोजन है | रत्नों से भरी इस पृथ्वी पर व्याप्त अनेक प्रकार के सुखों का उपयोग करना है तथा आत्मविश्वास स्फूर्ति एवं उल्लास से भरा जीवन जीना है तो हमें प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए |

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व्यायाम के 10 लाभ | व्यायाम के 10 लाभ in Hindi


  1. व्यायाम करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है |
  2. व्यायाम करने से शरीर में बुढ़ापा जल्दी आक्रमण नहीं करता है |
  3. व्यायाम करने से शरीर में चुस्ती बनी रहती है |
  4. व्यायाम करने से शरीर में काम करने की क्षमता बनी रहती है |
  5. व्यायाम करने से शरीर में व्यक्ति कर्मठ बनता है |
  6. व्यायाम करने से शरीर में उल्लासपूर्ण तथा सुखी बना रहता है |
  7. व्यायाम करने वाला व्यक्ति आत्मविश्वासी बना रहता है |
  8. व्यायाम करने से डायबिटीज के खतरे को कम करता है।
  9. व्यायाम करने से डिमेंशिया के खतरे को कम करता है।
  10. व्यायाम करने से चिंता और डिप्रेशन के रिस्क को कम करता है।

व्यायाम के 10 लाभ व्यायाम के 10 लाभ in Hindi

Q1. व्यायाम से क्या लाभ है?

व्यायाम करने से शरीर में रक्त का संचार बढ़ता है, बुढ़ापा जल्दी आक्रमण नहीं करता, शरीर हल्का-फुल्का  चुस्त तथा गतिशील बना रहता है,शरीर में काम करने की क्षमता बनी रहती है तथा व्यक्ति कर्मठ बनता है जो व्यक्ति नियमित रूप से व्यायाम करने वाला होगा उसका जीवन उतना ही उल्लासपूर्ण तथा सुखी होगा |

Q2. व्यायाम का क्या महत्व है ?

अच्छा स्वास्थ महा वरदान है | अच्छे स्वास्थ से ही अनेक प्रकार की सुख सुविधाएँ प्राप्त की जा सकती है | जो व्यक्ति अच्छे स्वास्थ तथा स्वस्थ शरीर के महत्व को नकारता है तथा ईश्वर के इस वरदान का निरादर करता है | वह अपना ही नहीं समाज तथा राष्ट का भी अहित करता है | स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ स्वष्ट मस्तिक का निवास हो सकता है | जिस व्यक्ति का शरीर ही स्वस्थ नहीं फिर उसका मस्तिक भला कैसे स्वस्थ रह सकता है | स्वस्थ मस्तिक के आभाव में व्यक्ति कितना पंगु है | इसकी कल्पना आसानी से की जा सकती है |

मनुष्य की दशा उस घडी के सामान है जो यदि ठीक तरह से राखी जाए तो 100 वर्ष तक काम दे सकती है और यदि लपरवाही से वर्ती जाएँ शीघ्र बिगड़ जाती है | व्यक्ति को अपने शरीर को स्वस्थ तथा काम करने योग्य बनाये रखने के लिए व्यायाम आवश्यक है|

व्ययाम और स्वास्थ का चोली-दामन का साथ है | व्ययाम से ना केवल हमारा शरीर पुष्ट होता है , अपितु मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहता है, रोगी शरीर में स्वस्थ मन निवास नहीं कर सकता, यदि मन स्वस्थ न हो, तो विचार भी स्वस्थ नहीं हो सकते | जब विचार स्वस्थ नहीं होंगे तो कर्म की साधना कैसे होगा ? शरीर को चुस्त, पुष्टबनाने के लिए व्ययाम आवश्यक है|

व्ययाम न करने वाले मनुष्य आलसी तथा कमजोर बन जाते है | आलस्य को सबसे बड़ा शत्रु कहा गया है | आलसी व्यक्ति जीवन के हर क्षेत्र में असफल होते है तथा निराशा में डूब जाते है | व्ययाम के आभाव में शरीर बोझ सा प्रतीत होता है | क्योकि बेडोल होकर तरह-तरह के रोगों का निमंत्रण देने लगता, ‘मोटापा’ अपने आप में एक बीमारी है जो हृदय रोग, मधुमेह तथा रक्त चाप जैसे बीमारियों को जन्म देती है |

Q3. व्यायाम कितने प्रकार के होते है?

व्ययाम अनेक प्रकार के हो सकते है –
प्रातः भ्रमण
दौडना
खेल-कूद
तैराकी
घुड़सवारी
उठक-बैठक लगाना,
योगासन आदि प्रमुख व्ययाम है |

इस प्रकार आप आसानी से (Essay on Exercise in Hindi )व्यायाम पर निबंध लिख पाये होंगे |

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