व्यावसायिक पत्र | व्यापारिक पत्रों की उपयोगिता | व्यावसायिक पत्रों की विशेषताएं | व्यावसायिक पत्र के भाग | व्यावसायिक पत्र नमूना

व्यावसायिक पत्र (vyavsayik patra) व्यक्तिक पत्रों की तुलना में काफी भिन्न होते हैं| व्यावसायिक पत्रों की भाषा औपचारिक होती है | इनमें द्विर्थी एवं संदिग्ध बातों का स्थान नहीं होता| यह पत्र किसी भी व्यापारिक संस्थान के लिए आवश्यक होते हैं| व्यापारिक पत्र किन्हीं दो व्यापारियों के बीच व्यापारिक कार्य हेतु लिखे जाते हैं|

व्यावसायिक पत्र vyavsayik patra

एक व्यावसायिक तभी सफल हो सकता है जब वह दूसरे व्यवसाय के साथ मधुर संबंध बनाएं संबंधों को मधुर बनाए रखने एवं व्यापार को कुशलता पूर्वक बढ़ाने के लिए पत्रों को लिखने की आवश्यकता होती है| व्यापारिक पत्र माल का मूल्य पूछने संबंधित जानकारी लेने, बिल का भुगतान करने, बिल की शिकायत करने साथ बने समस्या बताने संदर्भ लेने आदि के विषय में लिखे जाते हैं|

व्यापारिक पत्रों की उपयोगिता


व्यावसायिक पत्र एक व्यवसाय के दृष्टिकोण से बहुत उपयोगी होते हैं| इन पत्रों से समय की बचत होते ही है धन भी कम खर्च होता है| यह पत्र व्यवहार का प्रचार एवं विज्ञापन का कार्य भी करते हैं|

व्यावसायिक पत्राचार के द्वारा व्यापार के सभी कार्यों के आधार पर भेजे गए पत्रों का रिकॉर्ड तैयार कर दिया जाता है| व्यापार की बातों को समय के बाद होने लगता है तब यही व्यावसायिक पत्रों के मूल्यवान रिकॉर्ड उनकी सहायता करते हैं| इस प्रकार व्यापारिक पत्र व्यापरीक्षक को बढ़ाने के सांसद विवाद और भ्रम की स्थिति में इसके सहज निवारण में भी काम आते हैं

व्यावसायिक पत्रों की विशेषताएं


व्यावसायिक पत्र के निम्नलिखित विशेषताएं होती है-

स्पष्टता : व्यावसायिक पत्र जिस विषय में लिखा गया हो वह कुर्ता स्पष्ट होना चाहिएइस बात का विशेष ध्यान रखें की बातों को ज्यादा घुमा फिरा कर ना कहा गया|

सरलता : व्यावसायिक पत्रों की भाषा अत्यंत सरल होनी चाहिए ताकि उसे पढ़ने वाले आसानी से मूल विषय को समझ सके ऐसे पत्रों में मुहावरों का प्रयोग नहीं करना चाहिए|

संक्षिप्ता : एक व्यापारी के पास समय क्या भाव होता है वह मुख्य बातों को जानने का इच्छुक होता है| अतः व्यापारिक पत्रों में संक्षिप्त तथा होनी चाहिए|

संपूर्णता : व्यावसायिक पत्र में संपूर्णता का अत्यधिक महत्व होता है पत्र में आदि अधूरी बातें नहीं होनी चाहिए यदि पत्र में कोई सूचना दी जा रही है तो वह सभी तत्व आंकड़ों आदि से युक्त होना चाहिए|

त्रुतिहीनता : व्यावसायिक पत्र चूंकि दो व्यवसाईयों के मध्य संवाद का माध्यम होता है| इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि नहीं होनी चाहिए| यदि ऐसा होता है, तो इससे संगठन/व्यक्ति की साख में कमी आ सकती है| यह बात सदैव स्मरण रखें कि छोटी सी त्रुटि से व्यापार में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है |

नम्रता : व्यावसायिक पत्र की शैली नम्रता पूर्ण होनी चाहिए| नम्रता से कटुता दूर होती है और मित्र भाव उत्पन्न होता है| सदैव दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और शिष्ट भाषा के प्रयुक्त द्वारा रूठे हुए लोगों को मनाने का प्रयास करना चाहिए| यही व्यावसायिक सफलता की कुंजी है |

क्रमबद्धता : व्यावसायिक पत्र लिखते समय क्रमबद्धता का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है| पत्र में प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न वाक्य का क्रम रखा जाना चाहिए| जो बात महत्वपूर्ण हो, उसे पहले लिखना चाहिए| वाक्य इस प्रकार क्रमबद्ध रूप से लिखा जाएँ कि पत्र प्राप्तकर्ता पत्र पढ़ते ही उसके मूल भाव को समझ जाए और निर्णय हेतु विचार कर सके|

व्यावसायिक पत्र के भाग


व्यावसायिक पत्र लिखते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए-

शीर्षक: शीर्षक में पत्र लेखक/ संस्था का नाम, डाक का पता, टेलीफोन नंबर, ईमेल का पता, आदि होता है| शीर्षक पृष्ठ के ऊपरी भाग में बायीं ओर छपा रहता है |

पत्रांक/पत्र संख्या एवं दिनांक : व्यावसायिक पत्रों में पत्रांक एवं दिनांक का अत्यधिक महत्व होता है| पत्र व्यवहार में पिछले संदर्भ देने और वैधानिक आवश्यकता के समय पत्रांक एवं दिनांक का उल्लेख किया जाता है| पत्रांक और दिनांक पत्र के बायीं ओर शीर्केषक नीचे लिखना चाहिए|

संदर्भ संख्या : व्यावसायिक पत्र में यदि संभव हो तो संदर्भ संख्या का उल्लेख अवश्य करना चाहिए| संदर्भ संख्या के द्वारा संस्था को पुराने पत्रों से विषय के संबंध में संपूर्ण
ब्यौरा मिल जात है |

अंदर लिखा जाने वाला पता: जिस व्यक्ति या संस्था को पत्र लिखा जा रहा है उसका नाम और पता पत्र में बाई और दिनांक के नीचे और अभिवादन के ऊपर लिखना चाहिए|

विषय : विषय के जानकारी एक पंक्ति में महोदय से पूर्व दी जाती है|

सम्बोधन : व्यावसायिक पत्र में सम्बोधन के लिए सामान्य: महोदय/ महोदया लिखते है |

पत्र का मुख्या भाग : यह व्यावसायिक पत्र का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है | पत के द्वारा दी जाने वाली सूचना इसी भज में लिखी जाती है |

समाप्ति हेतु अंतिम आदरसूचक शब्द : व्यावसायिक पत्रों में शिष्टाचार्यपूर्ण होना चाहिए |

पत्र लेखक के हस्ताक्षर : पत्र के अन्त में ‘भवदीय’ आदि के बाद अपना हस्ताक्षर करना चाहिए|


माल भेज दिए जाने की सूचना देते हुए कम्पनी की ओर से पत्र लिखिए|


मानवी इंडस्ट्री,
जी. बी, नगर,
उत्तर प्रदेश |

दिन्नांक : मई 09, 2024

सेवा में,
शान्वी इंडस्ट्री, पटना,
बिहार|

विषय: माल भेजने की सूचना हेतु|

महोदय,

आपके आर्डर संख्या- 67, दिन्नांक मई 09, 2024 के सन्दर्भ में आपको सूचित करते हुए हमें हर्ष हो रहा है की आपका माल एम, के कूरियर के द्वारा भेजा जा रहा है जो की 5 दिन में आपको मिल जाएगा|

कूरियर के माध्यम से आपको लदान की रसीद, सभी बिल, बीमा सर्टिफिकेट के साथ 60 दिन का साइट का ड्राफ्ट भारतीय स्टेट बैंक, पटना को भेज दिए गए है | यह आपको कुछ दिन में प्राप्त हो जायेंगे| बिल की संलग्न प्रति आपकी सूचनार्थ भेजी जा रही है |

आशा है, कि हमारे आपके बीच व्यापार भविष्य में भी चलता रहेगा|

धन्यवाद|

भवदीय
एम के सिंह


आशा करते हूँ आप मेरे द्वारा दी गई जानकारी से आसानी से व्यावसायिक पत्र | व्यापारिक पत्रों की उपयोगिता | व्यावसायिक पत्रों की विशेषताएं | व्यावसायिक पत्र के भाग | व्यावसायिक पत्र नमूना, आदि के के बारे में पता चल सका होगा |

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